फतेहपुर। नगर पालिका परिषद फतेहपुर के वार्ड नंबर-02 आवास विकास कॉलोनी के सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर खलीलनगर में कराए गए नाला सफाई एवं सिल्ट निस्तारण कार्य की जांच कराने की मांग की है। सभासद का आरोप है कि कार्य कागजों में पूरा दिखा दिया गया, जबकि मौके पर नाला और तालाब क्षेत्र में गंदगी, जलकुंभी, प्लास्टिक कचरा और सिल्ट अभी भी मौजूद है।
शिकायती पत्र के अनुसार नगर पालिका परिषद फतेहपुर द्वारा पत्रांक 344/240/निर्माण/नपफफो (2026-27) दिनांक 22 अप्रैल 2026 के तहत अल्पकालिक ई-निविदा जारी की गई थी। इसमें कार्य क्रमांक-05 के अंतर्गत खलीलनगर में आवास विकास रोड से कुढ़ तालाब होते हुए नवदया तालाब तक नाला सफाई एवं सिल्ट निस्तारण का कार्य शामिल था।
सभासद दीपक कुमार मौर्य का कहना है कि स्थल निरीक्षण और मौके की तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि नाला एवं तालाब क्षेत्र में पानी जमा है तथा भारी मात्रा में जलकुंभी, घास, प्लास्टिक कचरा, सिल्ट और गंदगी फैली हुई है। इससे प्रतीत होता है कि नाला सफाई और सिल्ट निस्तारण का कार्य मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया अथवा केवल आंशिक रूप से कार्य दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने पत्र में कहा है कि गंदगी और जलभराव के कारण क्षेत्र में मच्छरजनित बीमारियों, डेंगू, मलेरिया, जल प्रदूषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यदि बिना वास्तविक सफाई कार्य के भुगतान किया गया है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
सभासद ने की ये प्रमुख मांगें
राजस्व एवं तकनीकी टीम से मौके पर जांच कराई जाए।
कार्य पूर्ण होने से संबंधित फोटो, वीडियो, माप पुस्तिका, भुगतान बिल और एमबी की जांच की जाए।
सिल्ट निस्तारण स्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
कार्य अधूरा या मानकविहीन मिलने पर संबंधित ठेकेदार का भुगतान रोका जाए और वसूली की कार्रवाई की जाए।
जिम्मेदार अभियंता एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
नाला और तालाब क्षेत्र की तत्काल सफाई कराई जाए।
जांच रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।
सभासद दीपक कुमार मौर्य ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत पत्र के साथ उन्होंने स्थल की तस्वीरें एवं निविदा सूचना की प्रति भी संलग्न की है।






