उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप को दौर शुरू हो गया है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश में नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर अब भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। यूपी के बागपत में योगी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने कहा कि ओवैसी, समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और कांग्रेस ये सभी अपने-अपने आंतरिक झगड़ों में उलझे हुए हैं।
‘विपक्ष की अंतर्कलह ही उनकी हार की असली वजह’
विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और कांग्रेस- ये सभी अपने-अपने आंतरिक झगड़ों में उलझे हुए हैं। ये चुनाव से ठीक एक महीने पहले गठबंधन बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन या तो गठबंधन बन ही नहीं पाता या फिर वे चुनाव हार जाते हैं। इसके बाद वे EVM और SIR को दोष देते हैं। हमने सुन लिया है कि ओवैसी जी ने क्या कहा है।
ओवैसी का यूपी में स्वागत है: दानिश आजाद अंसारी
भाजपा पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने जा रही है। चूंकि अभी चुनाव का मौसम है, इसलिए ओवैसी का स्वागत है। वे आएं, उत्तर प्रदेश की खूबसूरती देखें और यहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लें।
ओवैसी बोले, यूपी में नहीं बनेगी बीजेपी की सरकार
AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा था कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करेगी कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार न बने। कैराना में मीडिया से बात करते हुए कहा, हम कोशिश करेंगे कि हमारे उम्मीदवार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए विधायक के तौर पर चुने जाएं।
ओवैसी ने पीएम मोदी से की ये अपील
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शायद आपको बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपनी गहरी दोस्ती पर फिर से विचार करना चाहिए, क्योंकि आगे चलकर यह आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। हमारी मांग है कि भारत सरकार तुरंत विमान भेजे और सभी 4,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस भारत लाए। ये लोग बहुत मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। कई लोग बीमार हैं और उन्हें खाने-पीने की चीजें नहीं मिल पा रही हैं, जबकि ट्रैवल एजेंटों को इनकी तकलीफ से कोई खास लेना-देना नहीं लग रहा है।






