उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के कन्नौज से यात्रा निकालने के बयान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अजय राय को कन्नौज से नहीं, बल्कि सैफई से यात्रा शुरू करनी चाहिए। धूमधाम से आगे बढ़ते हुए सीधे लखनऊ पहुंचना ही सही रहेगा। कन्नौज में क्या है? कुछ भी नहीं। दोनों पार्टियां अब खत्म हो चुकी हैं।
2017 का हवाला और अखिलेश के बयान
राजभर ने याद दिलाया कि 2017 में दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा तो सिर्फ 47 सीटें ही मिलीं। अखिलेश यादव ने खुद कहा था कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करना हमारी गलती थी। ये उनके शब्द हैं, मेरे नहीं। अखिलेश मध्य प्रदेश गए और वहां कहा कि कांग्रेस बहुत चालाक पार्टी है, उसे वोट न दें। उसने हमारे साथ धोखा किया और आपके साथ भी धोखा करने में देर नहीं लगाएगी। दूसरे शब्दों में, वे खुद तो जीत नहीं पाए, इसलिए बीजेपी को जीतने और सरकार बनाने में मदद की। फिर उत्तराखंड में उपचुनाव में भी बीजेपी की जीत में मदद की।
चुनाव आयोग पर विरोध को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया
ईसीआई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर ओपी राजभर ने कहा कि कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। चाहे राहुल गांधी हों, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव या डिंपल यादव, अगर वे चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं तो पहले इस्तीफा दें। ये लोग ज्ञानेश कुमार की वजह से चुनाव जीते। अगर भ्रष्टाचार और चोरी का आरोप लगा रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप भी चोरी करके जीते। पहले इस्तीफा दें, फिर ज्ञानेश कुमार पर उंगली उठाएं और कहें कि हम गलत तरीके से जीते थे, अब निष्पक्ष रूप से जीतेंगे। तब आपको ऐसे आरोप लगाने का अधिकार होगा। सांसद बने रहकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध नहीं चल सकता। एक चुनना होगा।
विभाग की समीक्षा बैठक में तेज प्रगति पर जोर
लखनऊ में एक समीक्षा बैठक के बाद राज्य कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने बताया कि आज उन्होंने अपने विभाग के प्रमुख सचिव, निदेशक, विशेष सचिव और सचिवों के साथ बैठक की। मुख्य विषय 150 खाद्य सुरक्षा टीमों (एफएसटी) के गठन में तेजी लाना था ताकि वे समय पर तैयार हो सकें। दूसरा एजेंडा डिजिटल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट था। इसके अलावा हैंडपंपों की जियो-टैगिंग पर चर्चा हुई। खराब पड़े हैंडपंपों को तुरंत ठीक करके चालू करने के निर्देश दिए गए ताकि किसी को पीने के पानी की कमी न हो। अगले दो वर्षों में औसत से कम बारिश का अनुमान है, इसलिए पहले से तैयारी की जा रही है कि सभी हैंडपंप पूरी तरह काम करते रहें।
मुख्यमंत्री की सौर ऊर्जा योजना की भी समीक्षा की गई ताकि हर गांव में पांच सोलर यूनिट लगाने का काम तेजी से हो। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभाग की सभी चल रही योजनाओं में तेजी लाना और उन्हें समय पर पूरा करना सुनिश्चित करना था।





