IPS Ajay Pal Sharma Latest News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले सियासी माहौल बेहद गर्म देखने को मिला। इस बार चर्चा किसी राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा यूपी के चर्चित IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा और TMC प्रत्याशी जहांगीर खान के बीच टकराव को लेकर है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस विवाद को और हवा दे दी है।
वायरल वीडियो से मचा राजनीतिक बवाल
वायरल वीडियो में यूपी कैडर के IPS अजय पाल शर्मा, जो बंगाल में केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) के तौर पर तैनात हैं, जहांगीर खान के घर पर पहुंचकर कड़ी चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में शर्मा कहते दिख रहे हैं कि यदि किसी भी मतदाता को धमकाने या वोट डालने से रोकने की शिकायत मिली, तो पुलिस और केंद्रीय बल सख्त कार्रवाई करेंगे और “ऐसी खबर लेंगे कि बाद में रोने का मौका नहीं मिलेगा।”
मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर पहुंचे थे शर्मा
बताया जा रहा है कि TMC प्रत्याशी जहांगीर खान और उनके समर्थकों पर स्थानीय वोटरों को डराने और पहचान पत्र छीनने जैसी शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अजय पाल शर्मा केंद्रीय बलों के साथ उनके आवास पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान जहांगीर खान घर पर नहीं मिले, लेकिन वहीं से यह पूरा विवाद शुरू हो गया।
TMC का पलटवार, दी FIR की चेतावनी
वीडियो सामने आने के बाद TMC ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अजय पाल शर्मा पर सीधा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने कहा कि 4 मई को नतीजे आने दीजिए, उन्हें यूपी से घसीट कर बंगाल लाया जाएगा। अजय पाल शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज होगी।
फाल्टा थाने में दर्ज हुआ केस
मंगलवार (28 अप्रैल) को इस विवाद ने नया मोड़ तब ले लिया, जब दक्षिण 24 परगना के फाल्टा थाने में एक महिला ने लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल की देर रात IPS अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवान बिना वारंट घर में घुस आए, पुरुष सदस्य को हिरासत में लेने की बात कही और विरोध करने पर महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और छेड़छाड़ की।
महुआ मोइत्रा ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो वीडियो शेयर कर अजय पाल शर्मा पर तंज कसा। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “फेयर एंड लवली बाबुआ @DripsAjaypal… आपको फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती करते देखकर अच्छा लगा। थंडा-थंडा कूल-कूल रहिए। बंगाल हमेशा तृणमूल है।” उनकी पोस्ट ने इस पूरे विवाद को सोशल मीडिया पर और चर्चा में ला दिया।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले में अजय पाल शर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ”प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी! सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे!”
अब जानिए कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
27 अप्रैल को अजय पाल शर्मा की कार्रवाई: चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा केंद्रीय बलों के साथ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र पहुंचे और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर दबिश दी। इसी दौरान उनका चेतावनी वाला वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने समर्थकों को मतदाताओं को डराने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही।
विवाद बढ़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने अजय पाल शर्मा की कार्यशैली और अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए हैं।






