नरसिंह मौर्य असोथर फतेहपुर
दीपावली जैसे पावन पर्व पर जहाँ घर-घर में मिठास घुलनी चाहिए, वहीं असोथर नगर पंचायत क्षेत्र में मिलावटखोरों ने त्योहार की पवित्रता पर ग्रहण लगा दिया है। बाजारों में नकली मावा, सड़े-गले घी और रासायनिक रंगों से बनी मिठाइयाँ खुलेआम बेची जा रही हैं। सेहत से खिलवाड़ की यह खुली साजिश प्रशासन की नाक के नीचे चल रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, नगर की कई प्रसिद्ध मिठाई दुकानों पर बाहर से रात में पिकअप/लोडर से भरकर सस्ता और नकली मावा मंगवाया जा रहा है। इन्हीं से रसगुल्ले, लड्डू, बर्फी और मिल्क केक जैसी मिठाइयाँ तैयार की जा रही हैं। कुछ दुकानदार मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल और कृत्रिम रंगों का भी प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिठाइयाँ भले दिखने में लुभावनी लगें लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मिठाइयों का स्वाद और खुशबू दोनों बदल गए हैं। कई लोगों को मिठाई खाने के बाद गले में जलन और पेट दर्द जैसी शिकायतें भी हुई हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नगरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि दीपावली से पहले सभी मिठाई दुकानों की सघन जांच कराई जाए, सैंपल लेकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई हो। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अगर प्रशासन ने अब भी सख्ती नहीं दिखाई, तो दीपावली के मौके पर मिठास के बजाय अस्पतालों में भीड़ देखने को मिलेगी।






