फतेहपुर में कक्षा 12 के एक छात्र की मौत के बाद हड़कंप मच गया। 17 वर्षीय छात्र तेजस उर्फ यशु की कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। जिले के जिम्मेदार अफसर भी फिलहाल मामले पर बातचीत से बचते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक छात्र तेजस उर्फ यशु मुरांव गांव का रहने वाला था और सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरम में कक्षा 12-बी का छात्र था। परिजनों के मुताबिक, छात्र के पास नकल की पर्ची मिलने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि इसके बाद उसे रिस्टीकेट करने के साथ उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने छात्र पर 1500 रुपये का जुर्माना लगाए जाने की बात भी कही है।
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद छात्र सौंरा के पास अचेत अवस्था में मिला था। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। परिजन छात्र को कानपुर लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
तेजस अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। अचानक हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। छात्र की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मां ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी मांग की है कि आखिर विद्यालय में छात्र के साथ क्या हुआ था, इसकी पूरी सच्चाई सामने लाई जाए।
परिजनों ने छात्र की मौत की वजह और विद्यालय में हुई कथित घटना की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि छात्र के साथ मारपीट या किसी तरह की ज्यादती हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
यह पूरा मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम का बताया जा रहा है। फिलहाल छात्र की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। नकल की पर्ची मिलने के बाद वास्तव में विद्यालय में क्या कार्रवाई हुई, छात्र की हालत कैसे बिगड़ी और उसकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही—इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वहीं, इस मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रबंधन ने कुछ भी बोलने से इनकार किया है, जबकि जिले के जिम्मेदार अफसर भी मामले पर बात करने से बच रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी है।









