समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। सपा के मुखिया अखिलेश ने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा और यह हार स्थायी होगी। इसकी वजह यह है कि कई लोगों, अलग-अलग राज्यों के राजनीतिक दलों और खासकर विपक्ष ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। लेकिन, चुनाव आयोग के पास इन चिंताओं का कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों को ही देख लीजिए, जहां BJP ने SIR प्रक्रिया और केंद्रीय बलों की तैनाती का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
जैसे आए थे, वैसे ही विदा होंगे: अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यहां मौजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और उत्तर प्रदेश की जनता यह बात अच्छी तरह जानती है। हमने भारतीय जनता पार्टी के बारे में कई बार यह बात कही है और मैं इसे फिर दोहराना चाहता हूं। वे उत्तर प्रदेश आए थे, और वे उत्तर प्रदेश से चले भी जाएंगे। जब वे आए थे, तो उत्तर प्रदेश की जनता ने उनका स्वागत किया था और जब समय आएगा, तो जनता उन्हें एक यादगार विदाई भी देगी।
‘घुसपैठियों के नाम पर जनता को डरा रही सरकार’
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘फॉर्म 7’ से जुड़ी साजिश समेत कई तरीकों से लोगों का वोट देने का अधिकार छीनने की कोशिश की गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ‘फॉर्म 7’ का इस्तेमाल करके की जा रही इस धोखाधड़ी को पकड़ा और रोका। नतीजतन, उत्तर प्रदेश में ‘फॉर्म 7’ दाखिल करने की प्रक्रिया रुक गई। यूपी के मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि 1.27 करोड़ हिंदू वोट हटा दिए गए। वही मुख्यमंत्री, जो ‘घुसपैठियों’ का मुद्दा उठाकर पूरे देश को डराने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने ‘घुसपैठिए’ शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि वे कई लोगों पर शक पैदा कर सकें, उनसे वोट देने का अधिकार छीन सकें और समाज में उन्हें बदनाम कर सकें।
‘सीएम योगी को कैसे पता चला 1.27 करोड़ हिंदू वोट कटे?’
सीएम योगी पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि ये हिंदू वोट गायब हैं? ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने पूरी सूची मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय के साथ साझा की है। जब केंद्रीय गृह मंत्री वहां आए थे, तब मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मिलकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची में 2 करोड़ नाम जोड़े जाएं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें पता है कि उनके 1.27 करोड़ वोट हटा दिए गए हैं।
‘हर सीट पर 31 हजार वोट कम, चुनाव से पहले ही हार चुकी है BJP’
अखिलेश ने आगे कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 31,000 वोट गायब हैं। हमने तो बस यह अपील की थी कि जो 27,000 वोट जोड़े गए हैं, उन्हें हटा दिया जाए और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में डाले गए फर्जी वोटों को भी सूची से निकाल दिया जाए। अगर हम भाजपा के दावों को सच मान लें, तो इसका मतलब है कि हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 31,000 वोट कम हो गए हैं। इसका सीधा सा मतलब यह है कि मतदान होने से पहले ही वे चुनाव हार चुके हैं।







