कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस कमिश्नर ने आज एक और बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को उनके पद से हटा दिया। इससे पहले इस मामले में डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर को हटाया जा चुका है और हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था।
दूसरी ओर, हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हैरानी की बात यह है कि वह लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रही है, फिर भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
ACP हजरतगंज की जगह अभिषेक पांडेय तैनात
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने सोमवार को ACP हजरतगंज रजनीश वर्मा को हटाकर ACP क्राइम के पद पर भेज दिया। उनकी जगह अभिषेक पांडेय को हजरतगंज की जिम्मेदारी दी गई है। अभिषेक इससे पहले ACP कैसरबाग के पद पर तैनात थे। वहीं, गौरव उपाध्याय को ACP कैसरबाग बनाया गया है। वह पहले पुलिस आयुक्त कार्यालय से संबद्ध थे।
इन तीनों अधिकारियों का करीब चार महीने पहले ही तबादले के बाद नई जगह पर पदस्थापन हुआ था। इससे पहले रविवार को DCP मध्य विक्रांत वीर को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। सोमवार को उनकी जगह DCP ट्रैफिक रहे अर्पित विजयवर्गीय को DCP मध्य बनाया गया। उनके पास क्षेत्रीय अभिसूचना का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा की मौत
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में 9 अक्टूबर को कारोबारी शिवा शर्मा श्रद्धा दुबे के फ्लैट से संदिग्ध हालात में गिर गए थे। 10 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के बाद उनकी मां की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस के मुकदमा दर्ज करने से पहले ही श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के नेपाल चले जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान कई जगहों के CCTV फुटेज भी सामने आए। श्रद्धा की गाड़ी रुपईडीहा से बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। उनकी तलाश में करीब 10 टीमें जुटी हैं और नेपाल पुलिस की मदद भी ली जा रही है।





