फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 462 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां, आइए, करते हम आह्वान।
मानस तमस मिटाइए,रहे दूर अज्ञान।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया – मंगलमय सबके लिए , दीपमालिका पर्व।
सत्य सनातन धर्म पर ,करें सभी जन गर्व।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – हे धन की देवी मां लक्ष्मी, करो कृपा वरदात्री।
ऋद्धि – सिद्धि संपन्न बनें हम , हे सौभाग्य विधात्री।।
अनिल कुमार तिवारी निर्झर ने पढ़ा – प्रेम का ,विश्वास का, दीपक नया मन में जलाओ।
तन परिष्कृत, मन परिष्कृत, ज्योति अग – जग जगमगाओ।।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- जला क्षमा के दीप को, वैर भाव को मार।
दीपावली मनाइये,सुखी रहे संसार।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – दीपमालिका लेकर आई, लड्डू, पेड़ा, रसगुल्ला।
लक्ष्मीपूजा, आतिशबाजी, धूम- धड़ाका, हो हल्ला ।।
डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए -एक सूत्र में बांध रही है, हम सबको यह दीवाली।
जगमग- जगमग जोत जगी है, है चौतरफा उजियाली।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक तथा संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने एक मुक्तक के माध्यम से अपने भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये- जल रहे इन सभी दीपकों में कहीं,
एक ऐसा दिया भी जलाओ प्रभो ।
दुष्टता , द्वेष ,दुख, दैन्य का तम मिटे ,
मन-भवन भी जरा जगमगाओ प्रभो।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।







