उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे कराने और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। अजय राय ने मस्जिद विवादों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
सहारनपुर से संभल तक का सिलसिला
अजय राय ने कहा, ‘सरकार लगातार राज्य में दंगे कराना चाहती है। कैसे हिंदू-मुस्लिम दंगे हो सकते हैं, कैसे आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसी प्रयोग के तहत उन्होंने सहारनपुर में यह किया। पहले मुजफ्फरनगर में प्रयोग किया, वाराणसी में कई मस्जिदों को तोड़ा और नष्ट किया। अब मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद को नोटिस जारी किया गया है। संभल में क्या हुआ, आपने देखा। पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं भी विकास नहीं कर पाए हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बजाय सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर ध्यान दे रही है।
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भी हमला
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर बोलते हुए राय ने कहा कि भाजपा वाले अब घबरा रहे हैं। वहां की भाजपा सरकार डर गई है। हमारे सांसदों ने वहां दबाव बनाया और पूरे राज्य में माहौल बना दिया कि यह सरकार दलित विरोधी है और दलितों का अपमान करती है। आरोपियों के नाम लेकर उन्हें जेल भेजना चाहिए।
दरगाह पर चादर चढ़ाई, भाईचारे की दुआ मांगी
इसी बीच अजय राय ने ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह उर्फ दादा मियां की दरगाह ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह की 119वीं उर्स मुबारक के मौके पर लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाई। साथियों के साथ उन्होंने अस्ताना पर सिर झुकाया और राज्य व देश में शांति, सद्भाव, प्रगति और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि सूफी संतों की यह भूमि हमेशा प्यार और साझा विरासत का संदेश देती रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इन बयानों से साफ है कि वे सरकार पर सांप्रदायिक माहौल बनाने और अल्पसंख्यक-दलित विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अजय राय के बयान से विपक्षी दलों में एकजुटता दिखाने की कोशिश भी साफ झलकती है।







