फतेहपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव, फतेहपुर द्वारा आयोजित समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (सीएफएलडी) कार्यक्रम के अंतर्गत गेहूं की बायोफोर्टिफाइड प्रजाति डीबीडब्ल्यू-371 के प्रदर्शन प्लॉट का कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों ने निरीक्षण किया।
इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जितेन्द्र सिंह, मौसम प्रेक्षक विवेक दुबे तथा असोथर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक जयदेव सिंह ने किसानों के साथ प्रदर्शन खेतों का भ्रमण किया और फसल की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अन्य गेहूं की प्रजातियों की तुलना में डीबीडब्ल्यू-371 में कल्लों की संख्या अधिक है, साथ ही बालियों की लंबाई और मोटाई भी बेहतर है। खेतों में फसल एक समान और स्वस्थ दिखाई दे रही है, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यह प्रजाति बायोफोर्टिफाइड है, जिसमें प्रोटीन और जिंक की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पोषण की दृष्टि से लाभकारी है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रजाति के बीज को एफपीओ के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि क्षेत्र में इसका विस्तार किया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शन प्लॉट में नैनो डीएपी का प्रयोग किया गया है, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर देखी जा रही है।
असोथर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक जयदेव सिंह ने बताया कि समय-समय पर आयोजित गोष्ठियों और एफपीओ बैठकों में आने वाले किसानों को इन प्रदर्शन प्लॉटों का भ्रमण कराया जाता है, ताकि वे नई उन्नत तकनीकों और प्रजातियों की जानकारी प्राप्त कर सकें और उनका लाभ उठा सकें।








