पश्चिम बंगाल में इस समय सबसे बड़ी खबर विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर है, जहां राजनीतिक माहौल अपने चरम पर पहुंच चुका है। दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले पूरे राज्य में हाई-वोल्टेज कैंपेन का समापन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों ने आखिरी दिन पूरी ताकत झोंक दी और जनता से समर्थन की अपील की। मोदी ने दावा किया कि उनकी पार्टी सरकार बनाएगी और वे 4 मई के बाद शपथ ग्रहण में शामिल होने बंगाल लौटेंगे, जबकि ममता बनर्जी ने रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया।
इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। भाजपा ने महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए बड़े वादे किए हैं, वहीं टीएमसी अपने पुराने विकास और योजनाओं के दम पर मैदान में है। रिकॉर्ड मतदान और जनता की भारी भागीदारी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
सुरक्षा के लिहाज से भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरे चरण में 140 से अधिक सीटों पर मतदान होना है, जिसके लिए भारी संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस तैनात किए गए हैं ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
इसी बीच एक अहम प्रशासनिक फैसला भी सामने आया है। केंद्र सरकार ने चुनाव के बीच राज्य के डीजीपी का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा दिया है, जिसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।
मौसम भी इस बार चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है। मतदान वाले दिन बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वोटिंग प्रतिशत पर असर पड़ सकता है।






