फतेहपुर के पथरकटा चौराहा स्थित निजी नेशनल पैथोलॉजी में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों की मदद के लिए पोषण आहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में टीबी के 5 मरीजों को पोषण आहार वितरित किया गया। इस दौरान सामाजिक सहयोग के लिए नेशनल पैथोलॉजी के संचालक अफसर सिद्दीकी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जांच कराने आए सभी मरीजों को टीबी रोग के लक्षणों, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक किया गया। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी आना, बुखार रहना, रात में पसीना आना, बलगम या बलगम में खून आना, सीने में दर्द, वजन कम होना, भूख न लगना तथा गर्दन में गांठ या गिल्टी होना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर बलगम की जांच कराएं। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर सरकारी अस्पताल से निःशुल्क उपचार शुरू कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का पूरा कोर्स लें।
डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि भारत सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण सहायता के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अब फेस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। सत्यापन के बाद सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
कार्यक्रम में राजेश सोनी, भक्तदास, कमलेश, जितेंद्र राजपूत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने और समाज में बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प को साकार किया जा सकता है।





