फतेहपुर। शहर में चर्चित लूटकांड के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भाजपा नेता पर हमले के मुख्य गवाह के साथ हुई मारपीट को लूट बताकर तहरीर देने के आरोप में पुलिस ने जांच के बाद लूट की धाराएं हटा दी हैं। अब मामले में फर्जी लूट की सूचना देने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, बाकरगंज निवासी इमरान ने 14 मार्च को पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसके साथियों के साथ मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में उसने कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इमरान भाजपा नेता से जुड़े एक चर्चित मामले में गवाह भी बताया जा रहा था।
घटना के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो सामने आया कि लूट की कहानी मनगढ़ंत थी। जांच में यह भी पाया गया कि घटना के दौरान केवल मारपीट हुई थी, जबकि लूट का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार, जांच में स्पष्ट हुआ कि लूट का आरोप गलत तरीके से लगाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे से लूट की धाराएं हटाकर फर्जी सूचना देने और भ्रम फैलाने के आरोप में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं, आरोपी पक्ष का कहना है कि उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया गया था और उन्होंने शुरुआत से ही निष्पक्ष जांच की मांग की थी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







