उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में विकास भवन में आत्मदाह के प्रयास से जुड़े मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले को लेकर अब शिकायतकर्ता की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि शिकायतकर्ता ग्राम प्रधान पर जबरन वसूली का दबाव बना रहा था। इतना ही नहीं, दुकानों के आवंटन को लेकर भी कथित तौर पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, दुकानों के आवंटन से संबंधित मामले की विभागीय स्तर पर जांच कराई जा रही थी। इसी बीच आरोप लगाया जा रहा है कि जांच को प्रभावित करने और ग्राम प्रधान पर दबाव बनाने के लिए शिकायतकर्ता ने यह पूरा घटनाक्रम रचा। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
इस मामले में शिकायतकर्ता के आपराधिक इतिहास को लेकर भी गंभीर दावे किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 13 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, दर्ज मुकदमों का विवरण और वर्तमान कानूनी स्थिति की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से होना आवश्यक है।
विकास भवन में आत्मदाह के प्रयास की घटना के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पूरे प्रकरण में शिकायतकर्ता की भूमिका, दुकानों के आवंटन से जुड़े विवाद और ग्राम प्रधान पर लगाए गए कथित दबाव की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
मामला फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के गाजीपुर कस्बे का बताया जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।





