फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रिटायर्ड रेलकर्मी से 41 लाख 10 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के चौथे सदस्य को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 107 सिम कार्ड और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर रिटायर्ड रेलकर्मी को बनाया शिकार
हुसेनगंज थाना क्षेत्र के गुल्ला का पुरवा गांव निवासी मोतीलाल यादव, जो कि रिटायर्ड रेलकर्मी हैं, ने 24 नवंबर को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार साइबर ठगों ने खुद को एटीएस का उच्च अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद 4 नवंबर से 17 नवंबर के बीच अलग-अलग खातों में 41.10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
सर्विलांस से ट्रेस हुए नंबर, पकड़े जा चुके हैं तीन आरोपी
मामले में साइबर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जिन मोबाइल नंबरों से ठगी की गई थी, उन्हें सर्विलांस के जरिए ट्रेस करते हुए पुलिस ने 1 दिसंबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें दिल्ली के कीर्तिनगर क्षेत्र निवासी सार्थक ग्रोवर, गाजियाबाद के खोडा कॉलोनी निवासी राहुल शर्मा और इटावा जिले के बकेवर निवासी संतोष कुमार शामिल हैं। जांच में इन आरोपियों के खातों से करीब 17 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ था।
ग्रामीणों की आईडी से निकालता था फर्जी सिम
साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रविवार शाम अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के चौथे आरोपी राहुल कुमार निवासी कमला विहार कॉलोनी, पीतल नगरी थाना कटघर, जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार कर फतेहपुर लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दो मोबाइल कंपनियों में सिम एजेंट के तौर पर काम करता था।
एक आईडी पर दो सिम
आरोपी गांव-गांव जाकर भोले-भाले ग्रामीणों से आईडी लेकर सिम बेचता था और उन्हीं दस्तावेजों से दूसरा सिम निकालकर अपने शातिर साथियों को 2500 रुपये में बेच देता था। पुलिस ने आरोपी के पास से 107 सिम कार्ड और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।






