असोथर (फतेहपुर)।
मानदेय भुगतान में हो रही देरी से नाराज रोजगार सेवकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और तकनीकी सहायकों ने सोमवार को असोथर ब्लॉक मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन ज्वाइंट बीडीओ को सौंपते हुए स्पष्ट किया कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होगा, तब तक वे मनरेगा से जुड़े कार्य नहीं करेंगे।
ब्लॉक मुख्यालय परिसर में रोजगार सेवक संघ के बैनर तले करीब तीन घंटे तक धरना चला। इस दौरान ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें पिछले आठ महीने से मानदेय नहीं मिला, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि जुलाई माह से मानदेय का भुगतान लंबित है। साथ ही ईपीएफ खातों में भी धनराशि जमा नहीं कराई गई है। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में सभी 35 रोजगार सेवकों से उनके ईपीएफ खाते में 3833 रुपये नगद जमा कराए गए थे, लेकिन मानदेय से कटने वाली 2220 रुपये की राशि अभी तक ईपीएफ खातों में नहीं भेजी गई है।
धरना दे रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो मनरेगा से जुड़े सभी कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा, जिससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
धरने के बाद कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन ज्वाइंट बीडीओ को सौंपा। खंड विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को जिलाधिकारी फतेहपुर के माध्यम से उपमुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा और समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष राजेश तिवारी, तकनीकी सहायक इकबाल बहादुर, उदयवीर सिंह, संदीप कुमार तिवारी, अर्जुन सिंह, सचिन सिंह, राघवेंद्र सिंह सहित दर्जनों रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मी मौजूद रहे।







