फतेहपुर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रसोई गैस की कथित किल्लत, बेमौसम बारिश से किसानों के नुकसान और बंगाल चुनाव को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
टिकैत ने कहा कि देश में तेल और गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि सरकार ने अपने लोगों के माध्यम से कृत्रिम किल्लत पैदा कर ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता को महंगाई और संकट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।
बंगाल चुनाव पर बोलते हुए टिकैत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल को जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर बांटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश की नजदीकी और चुनावी माहौल को देखते हुए ध्रुवीकरण की राजनीति हो रही है, लेकिन वहां ममता बनर्जी मजबूत स्थिति में हैं।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। उन्होंने सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग की।
इस दौरान टिकैत ने एक साल पहले अखरी गांव में हुई घटना को भी याद किया, जहां टिकैत गुट के किसान नेता समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। टिकैत ने कहा कि जो मुआवजा दिया गया है, वह बेहद कम है और पीड़ित परिवारों के साथ न्याय नहीं हुआ है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा व सुरक्षा दी जाए।






