फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 459 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां , आइए, दें विद्या का दान।
कर चरणों की वंदना, मांग रहे वरदान।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- मंगलमय सब के लिए, विजयादशमी पर्व।
सत्य सनातन राम पर , हो हम सबको गर्व।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – लूटा रात-दिवस भारत को।
आगे रखा सदा स्वारथ को।।
इन दुष्टों को सबक सिखाओ।
थोड़ी सी तो बुद्धि लगाओ।।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- गौरी मां, वरदान दो ,सिद्ध होयं सब काम।
जन-जन के अधरों सजे, मां का पावन नाम ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – बना सजा रावण का पुतला, क्षण में उसको जला दिया।
जो रावण मन के अंदर है, बोलो, उसका क्या किया?
डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – नवरात्रों के पर्व सा, दूजा कौन महान।
यह अवसर शुभ सगुन का, करें देवि कल्याण।
काव्य गोष्ठी के आयोजक तथा संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने एक मुक्तक के माध्यम से अपने भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये-मां दुर्गे, दुर्गति हरो,करो कुमति का नाश।
मन का रावण जाय जल,करें राम जी वास।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।





