Homeउत्तर प्रदेशफतेहपुरसाले भंगी, मैं नेता हूं, हमें भगाने की तेरी हिम्मत कैसे हुई?"...

साले भंगी, मैं नेता हूं, हमें भगाने की तेरी हिम्मत कैसे हुई?” जब संजय ने गाली देने से मना किया और अपना काम बताया, तो आरोपियों ने उसे लात-घूंसे और थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस जांच में जुटी बाल्मीकि समाज मे नारजगी

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फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। खजुहा के औरंगजेब पवेलियन (जिसे बाग बादशाही के नाम से भी जाना जाता है) में संविदा सफाई कर्मी पर जातिसूचक गालियों के साथ मारपीट की गई। यह घटना 26 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे हुई।
पीड़ित संजय बाल्मिकी (पुत्र स्वर्गीय प्यारेलाल), निवासी ग्राम सैमसी (थाना बिंदकी, जनपद फतेहपुर) अनुसूचित जाति (भंगी जाति) से हैं। वे अपनी पत्नी संगोत्री के साथ औरंगजेब पवेलियन में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत हैं। उस दिन पर्यटकों की भीड़ के बीच पवेलियन का गेट बंद करने के लिए संजय ने ग्राम सैमसी के ही कुछ लोगों से बाहर जाने को कहा।
आरोप है कि जगदीश्वर पटेल (पुत्र बीरेन्द्र पटेल), रामराज, भगवानदास (पुत्रगण गया प्रसाद), अंकित (पुत्र कालीचरन) सहित उनके दो अज्ञात साथी (सभी कुर्मी जाति के बताए गए) ने शराब के नशे में संजय को जातिसूचक गालियां दीं। उन्होंने कहा, “साले भंगी, मैं नेता हूं, हमें भगाने की तेरी हिम्मत कैसे हुई?” जब संजय ने गाली देने से मना किया और अपना काम बताया, तो आरोपियों ने उसे लात-घूंसे और थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया।
जगदीश्वर ने संजय के अंडकोष पर लात मारी, जिससे वह बेहोश हो गया। फिर पास में खड़े झंडे को फाड़कर डंडा बनाकर उस पर हमला किया। संजय की पत्नी संगोत्री बचाने आईं, तो उनके साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई और मारपीट की गई।
कुछ पर्यटकों ने घटना देखी और बीच-बचाव किया। इसके बाद संजय दंपति ने खजुहा चौकी में सूचना दी और घर लौट आए। आरोपियों ने बाद में उनके घर जाकर सुलह का दबाव बनाया और सुलह न करने पर जान से मारने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
संजय बाल्मिकी ने कोतवाली बिंदकी के प्रभारी निरीक्षक को लिखित शिकायत दी है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन घटना की जांच शुरू होने की संभावना है।
यह घटना जातिगत भेदभाव और कार्यस्थल पर हिंसा के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है। औरंगजेब पवेलियन एक ऐतिहासिक पर्यटक स्थल है, जहां मुगल काल की यादें बसी हैं और जहां रोजाना पर्यटक आते हैं।

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