फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 408 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी संपन्न शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 408 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के. पी. सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल जी उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के. पी . सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां आइये, चरणों में है भाल।
पूजा का हम हाध में, लिए खड़े हैं थाल।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- विद्यार्थी जी देश के, पत्रकार महान।
जन्मदिवस पर दे रहा, राष्ट्र उन्हें सम्मान ।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – धन दौलत औ कुटुम कबीला, को समझे निस्सार ।
सोई सांचा साधू ,छोड़ै जो आपुन घर- द्वार ।।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया – शिवजी के वरदान से, भाले बनते फूल ।
सिंह – बैल का साथ हो , हिंसा जाते भूल ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – छत्तिस घंटे का कठोर व्रत, सूर्य देव का है पूजन।
व्रतियों के मन की अभिलाषा, छठ मैया करती पूरन ।।
डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – पी एम ने पणजी में जाकर, दीपावली मनाई ।
ऑपरेशन सिंदूर जिक्र कर, सैनिक महिमा गाई ।।
आकाश ‘अमर’ शास्त्री ने पढ़ा – सम्मान सदा मैं करता हूं ,भारत मां के रखवारों का ।
धर शीश चरण पूजन करता, हूं राष्ट्रभक्त किरदारों का ।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने छठ पूजा पर्व के अवसर पर अपने भाव एक स्वरचित लोक गीत के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – अरघ सुरिज देउता का दैकै, मैया, पूजौं चरन तोहार ।
अटल – अचल अहिवात राखियो, भरियो खुशियन सों भंडार।। आगे पुनः श्री गणेश शंकर विद्यार्थी के जन्म दिवस पर अपनी पंक्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा- देश धर्म की वलिवेदी पर , हुए यहां कितने वलिदान।
श्री गणेश शंकर विद्यार्थी, जैसा कोई नहीं महान।। कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।






