खागा तहसील (फतेहपुर)।
खागा तहसील के करमोन सहकारी समिति केंद्र पर शुक्रवार को खाद के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह तड़के से ही किसान बोरे लेकर लाइन में लग गए, लेकिन कई किसानों को देर शाम तक भी खाद नहीं मिल सकी। इससे गुस्साए किसानों ने जमकर नाराज़गी जताई।
किसानों का आरोप है कि करमोन सहकारी समिति के सचिव उग्रसेन सिंह/मनोज कुमार और सरपंच जयप्रकाश शुक्ला की मिलीभगत से खाद वितरण में गड़बड़ी हो रही है। किसानों के मुताबिक –करमोन न्याय पंचायत के स्थानीय किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है जबकि दूसरे न्याय पंचायतों से आने वाले लोगों को अधिक दाम लेकर तुरंत खाद दे दी जाती है
लाइन में लगे किसानों ने बताया कि वे सुबह से भूखे-प्यासे खड़े हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर टरका दिया जा रहा है कि खाद खत्म हो गई। वहीं दूसरी ओर कुछ बाहरी लोगों को अंदर बुलाकर चुपचाप खाद दे दी जा रही है।
इसी मामले पर भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी भी सक्रिय हो गई है।
संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर शिव नारायण चंदेल ने कहा – “खागा तहसील के करमोन सहकारी समिति का मामला हमारे संज्ञान में आया है। यदि जल्द किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी की ओर से बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। किसानों के साथ हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
चंदेल ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों पर कुछ चुनिंदा लोगों की पकड़ बन गई है और असली हकदार किसान दर-दर भटक रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि –
करमोन सहकारी समिति के खाद वितरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए सचिव व सरपंच की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और अगर गोलमाल की पुष्टि हो, तो दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए किसानों का साफ कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो वे तहसील और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। किसान कहते हैं – “हम भीख नहीं, अपने हक की खाद मांग रहे हैं।”






