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फतेहपुर-BSA विभाग का बड़ा खेल मुंशी जी कर रहे टाइपिंग-बाबू जी बेचवा रहे धान,नियमविरुद्ध पोस्टिंग का मामला AD बेसिक तक पहुँचा, एक लिपिक तो ऐसा जिसने बहन की जगह हासिल कर ली नौकरी-तो सस्पेंशन व  रिकवरी क्यो नही अब दौड़ेगा कागजी घोड़ा

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आखिर क्या है पूरा मामला जानिए अब खुल रही पोल तो लिपिकों की बंध रही घिघि–टीचर ले रहे मजा अफसर भी हैरान—

फतेहपुर BSA विभाग का बड़ा कारनामा,परिषदीय लिपिकों को तैनात किया गया ब्लाकों में, यह लिपिक घरो में बैठ ले रहे वेतन कागज में सब ठीक टाइपिंग भी आती नही स्कुलो से टीचरों को बुला कराते टाइपिंग सबधित अफसरों को देते रुपया। लिपिकों के नामो का खुलासा जल्द

फतेहपुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा खेल वर्षो से चला आ रहा है लेकिन अफसरों की सीट तो बदली  लेकिन मातहतों का खेल नही बदला दरअसल में बात 2019 के चार नियुक्त हुए लिपिकों से जुड़ा है परिषदीय के इन लिपिकों की तैनाती जिला मुख्यालय में होनी चाहिए लेकिन विभागीय साठ गांठ के चलते इनकी नियुक्त ब्लाकों में कर दी गई। इतना ही नही इनके अलावा 13 ब्लाकों में भी ऐसे ही लिपिक है। जिनकी नियुक्ति जिला मुख्यालय में होनी चाहिए लेकिन इनको भी सेटिंग करके ब्लाकों में पोस्ट कर दिया गया। यह सब खेल तत्कालीन BSA के कार्यकाल में हुआ। लेकिन उसके बाद अफसर तो बदले लेकिन यह खेल बन्द नही हुआ तीन चार लिपिक तो ऐसे है जिनके पास दो दो ब्लाकों का चार्ज है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इन लिपिकों को टाइपिंग भी नही आती इनकी जगह में स्कुलो के टीचरों को बुला कर टाइपिंग कराई जाती है स्कूल कभी जाते नही रजिस्टर में दस्खत होते रहते है। जब अफसर जाते तो यह भी पहुच जाते। यही अंधेरगर्दी है। जब कि शासनाआदेश है कि परिषदीय लिपिकों को मुख्यालय में ही तैनात किया जाए । शासनादेश यह भी है कि यदि परिषदीय लिपिकों को ब्लॉक में तैनात किया जाता है तो राजकीय लिपिक को भी ब्लॉक में तैनात किया जाना चाहिए लेकिन शिक्षा विभाग ऐसा नहीं कर रहा है स्थानीय शिक्षा विभाग के लापरवाह अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता के चलते ऐसे लिपिक मनमानी करने में लगे हुए हैं और लगातार सरकार के सभी नियम कार्यों को ठेंगे में  में रखकर शिक्षा विभाग अपनी मनमर्जी से काम करने में जुटा हुआ है पूरे मामले का शिकायती प्रार्थना पत्र भी अब शासन को पहुंच रहा है।

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