फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 424 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 424 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां प्रार्थना ,करो कुमति का नाश।
अंतःकरण पवित्र कर, करो हृदय में वास ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- महापर्व शिवरात्रि का ,है आनंद अपार।
जल -थल- नभ सर्वत्र है ,भोले की जयकार ।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – आज महाशिवरात्रि में, तांबेश्वर शिवधाम।
उमड़ पड़े हैं भक्त जन,जपते शिव -शिव नाम ।।
उमाकांत मिश्र ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- भूत ,प्रेत, नर, नाग, गण, सुर किन्नर, गंधर्व।
शिवा और शिव- मिलन का, मुदित मनाते पर्व।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – एक फूल, एक लोटा जल से, शिव प्रसन्न हो जाते हैं ।
अमृत तज पी गए हलाहल, महादेव कहलाते हैं।।
डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – आत्मोन्नति हित व्रत करें, धारें हृदय महेश।
शिवरात्रि का पर्व यह , सुंदर सुखद विशेष।।
अनिल कुमार तिवारी ‘निर्झर’ ने पढ़ा- हर शिव मंदिर लगी हुई है, लंबी एक कतार ।
हर- हर ,बम -बम महादेव से, गूंज रहा संसार।।
रवींद्र कुमार तिवारी ने पढ़ा- सकल विश्व की रक्षा के हित , अमिय दान कर जाते।
और स्वयं वह गरलपान कर नीलकंठ बन जाते ।।
राम अवतार गुप्ता ने पढ़ा- करते “नमः शिवाय” का ,जो जन मन से जाप।
शिव जी के अशीष से, कट जाते सब पाप।।
अनिल कुमार मिश्र ने पढ़ा- जब से हमने होश संभाला, कांटे मन के मीत बन गए ।
सहमे -सहमे शब्द पिरोए, वही हृदय के गीत बन गए।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव एक मुक्तक के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – महादेव शिव शंभु हैं , देवों के भी देव ।
जो औरों को दे सुधा ,विष पीते स्वयमेव।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।








