Homeउत्तर प्रदेशफतेहपुरफतेहपुर: 2 करोड़ के मनरेगा घोटाले पर लीपापोती का आरोप, शिकायतकर्ता उच्च...

फतेहपुर: 2 करोड़ के मनरेगा घोटाले पर लीपापोती का आरोप, शिकायतकर्ता उच्च न्यायालय जाने को तैयार

Published on

फतेहपुर। विजयीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत विजयीपुर में मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता प्रियेंद्र प्रताप सिंह ने अपर आयुक्त, ग्राम्य विकास उ.प्र. को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मनरेगा लोकपाल की जांच रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के बावजूद, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, जांच को निष्प्रभावी करने के लिए मौके पर जेसीबी से नया काम कराए जाने का भी गंभीर आरोप लगा है।

मामले की शुरुआत प्रियेंद्र प्रताप सिंह ने 11 अक्टूबर 2025 और 17 अक्टूबर 2025 को मनरेगा लोकपाल फतेहपुर को शिकायत पत्र भेजकर की थी। उन्होंने बताया था कि ग्राम पंचायत विजयीपुर में बिना काम कराए फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का गबन किया गया है। इन शिकायतों के आधार पर मनरेगा लोकपाल राजबहादुर यादव ने तकनीकी अधिकारी के साथ 4 नवंबर 2025 और 18 दिसंबर 2025 को पुलिस अभिरक्षा में ग्रामीणों की मौजूदगी में जांच की थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, लोकपाल महोदय की जांच आख्या (पत्रांक 127/मनरेगा-लोकपाल-जांच-ग्रा.पं. विजईपुर/2025-26 दिनांक 10 फरवरी 2026) में स्पष्ट रूप से मनरेगा अधिनियम की धाराओं के अनुरूप दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। यह रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से अपर आयुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार फतेहपुर और खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी विजयीपुर को भी भेजी गई थी।

हालांकि, प्रियेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि जांच रिपोर्ट आए काफी समय बीत जाने के बावजूद अभी तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि लोकपाल द्वारा जांचे गए कार्यों, जैसे ‘अबरार के खेत से बबलू के खेत तक मिट्टी पुराई’, में ग्राम प्रधान द्वारा जेसीबी मशीन से मिट्टी निकलवाकर नया काम कराया जा रहा है, ताकि लोकपाल की जांच को निष्प्रभावी किया जा सके। शिकायतकर्ता ने इसके समर्थन में स्थल से निकाली गई मिट्टी की जीपीएस फोटो भी संलग्न की है।

प्रियेंद्र प्रताप सिंह ने अब अपर आयुक्त, ग्राम्य विकास से अनुरोध किया है कि लोकपाल मनरेगा फतेहपुर की जांच आख्या में की गई संस्तुति के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध प्रशासनिक, दंडात्मक और गबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच आख्या का अनुपालन नहीं होता है, तो वह माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होंगे।

इस मामले ने मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार और उस पर हो रही कथित लीपापोती की पोल खोल दी है। देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ वाकई कोई ठोस कार्रवाई हो पाती है।

👁 34.8K views
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Latest articles

शिक्षा मित्रों की समस्याओं के समाधान की मांग, संगठन ने BSA को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर। आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन (जनपद फतेहपुर) ने शिक्षा मित्रों की विभिन्न...

पुलिस अफसर बनकर लोगों को डराते थे आरोपी, फर्जी सिम के जरिए करते थे साइबर ठगी, 17 सिम कार्ड और मोबाइल बरामद।

फतेहपुर: फतेहपुर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक...

फतेहपुर: अन्नपूर्णा भवन निर्माण का ग्रामीणों ने किया विरोध, बिंदकी तहसील का किसानों ने किया घेराव

फतेहपुर। जिले के बिंदकी तहसील क्षेत्र के सिकरोड़ी गांव में प्रस्तावित अन्नपूर्णा भवन के निर्माण...

भाजपा युवा नेता अजय सिंह रिंकू लोहड़ी की पहल, 300 बुजुर्गों व दिव्यांगों का हुआ पंजीकरण

फतेहपुर की सदर विधानसभा 240 के अंतर्गत ग्राम सभा गौरा कला में भारतीय जनता...

More like this

शिक्षा मित्रों की समस्याओं के समाधान की मांग, संगठन ने BSA को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर। आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन (जनपद फतेहपुर) ने शिक्षा मित्रों की विभिन्न...

पुलिस अफसर बनकर लोगों को डराते थे आरोपी, फर्जी सिम के जरिए करते थे साइबर ठगी, 17 सिम कार्ड और मोबाइल बरामद।

फतेहपुर: फतेहपुर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक...

फतेहपुर: अन्नपूर्णा भवन निर्माण का ग्रामीणों ने किया विरोध, बिंदकी तहसील का किसानों ने किया घेराव

फतेहपुर। जिले के बिंदकी तहसील क्षेत्र के सिकरोड़ी गांव में प्रस्तावित अन्नपूर्णा भवन के निर्माण...