फतेहपुर/प्रयागराज:
लखनऊ एआरटीओ की छापेमारी में अवैध परिवहन के मामले में निलंबित एआरटीओ प्रशासन पुष्पांजलि मित्रा गौतम का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परिवहन विभाग की अपील पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उनके निलंबन को बहाल कर दिया गया था। इसके बाद लखनऊ संभाग में एआरटीओ प्रशासन की जिम्मेदारी रंजीत सिंह को सौंप दी गई है।
दरअसल पिछले चार साल से एआरटीओ प्रशासन का कार्यभार संभाल रहीं पुष्पांजलि मित्रा गौतम के खिलाफ ललौगंज थाने में अवैध परिवहन को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां 28 नवंबर को सिंगल बेंच ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए निलंबन आदेश को रद्द कर दिया था।
इसके बाद परिवहन विभाग ने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए डबल बेंच में अपील दाखिल की। डबल बेंच ने 25 फरवरी को सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी और शासन को नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश दिए। इसके बाद शासन ने 31 दिसंबर को एआरटीओ प्रशासन को निलंबित करते हुए लखनऊ संभाग का कार्यभार रंजीत सिंह को सौंप दिया।
इस पूरे प्रकरण में लगातार कानूनी प्रक्रिया चल रही है और अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद एआरटीओ प्रशासन के पद पर नई नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।








