यूपी के बुंदेलखंड के बांदा शहर में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद भी आयकर विभाग की छापेमारी लगातार जारी है। इस कार्रवाई का असर फतेहपुर तक देखा जा रहा है, क्योंकि जांच के दायरे में मोरंग कारोबार से जुड़े कई बड़े नेटवर्क सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग की टीम बुधवार सुबह करीब आधा सैकड़ा से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ बांदा पहुंची थी। टीम ने खनिज कारोबारी सीरजध्वज सिंह, उनके भाई, पूर्व एमएलसी युवराज सिंह और भाजपा नेता दिलीप सिंह के आवास और दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सभी लोगों को घरों के अंदर ही नजरबंद कर दिया गया और उनके मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए। घरों में मौजूद लाइसेंसी शस्त्र भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन से जुड़े मामलों की गहन जांच कर रहा है। बांदा के अलावा लखनऊ और महोबा जनपद में भी इन कारोबारियों के सहयोगियों के घरों और दफ्तरों पर एक साथ कार्रवाई चल रही है।
इस पूरे मामले में फतेहपुर जिले का भी बड़ा कनेक्शन सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि मोरंग खनन के कारोबार में फतेहपुर के कई कारोबारी और सहयोगी जुड़े हुए हैं, जिन पर जांच एजेंसियों की नजर है। सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में आयकर विभाग की टीम फतेहपुर में भी छापेमारी कर सकती है।
वहीं दो अन्य बड़े व्यवसायियों – भारत गुटखा और एक सराफा कारोबारी के यहां भी आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के खनन और व्यापार जगत में हड़कंप मचा हुआ है।







