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 EXCLUSIVE: ‘बाबू सुसाइड कांड’ से फतेहपुर में भूचाल! पत्नी की तहरीर से बढ़ा विवाद, 25 लाख और उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू तीन सदस्यीय कमेटी बनी

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फतेहपुर। जिले के डीआईओएस कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव के आत्महत्या प्रयास ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में उनकी पत्नी पूनम श्रीवास्तव की तहरीर के बाद आरोपों का दायरा बढ़ गया है, जबकि जिला प्रशासन ने जांच बैठाकर पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।

आत्महत्या प्रयास से मचा हड़कंप

सोमवार देर शाम डीआईओएस कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने कथित रूप से नींद और ब्लड प्रेशर की दवाएं खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर सहकर्मियों ने उन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना की जानकारी मिलते ही डीआईओएस राकेश कुमार और एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अविनाश त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे। इस घटना के बाद पूरे जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।

पत्नी की तहरीर से मामला गरमाया

बुधवार को मामले ने नया मोड़ लिया, जब पूनम श्रीवास्तव ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
तहरीर में डीआईओएस और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

25 लाख के लेन-देन का दावा, वायरल ऑडियो-वीडियो

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब विनोद श्रीवास्तव के बेटे शिवांग ने सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो क्लिप साझा किए।
इनमें आरोप लगाया गया कि नौकरी/पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की गई और रकम किश्तों में दी गई। फिलहाल इन वायरल सामग्रियों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पूर्व जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया साजिश

आरोपों में घिरे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
एसडीएम की अध्यक्षता में बनी इस समिति में क्षेत्राधिकारी सदर और कोषाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा संगठन में भी बढ़ी हलचल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन में भी हलचल तेज हो गई है।
जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है, जिसमें वीडियो और अन्य साक्ष्य शामिल हैं।

अब क्या आगे?

फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप, तहरीर और वायरल साक्ष्यों के बीच उलझा हुआ है।
जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

फतेहपुर का यह ‘बाबू कांड’ अब सिर्फ एक आत्महत्या प्रयास नहीं, बल्कि सियासत और सिस्टम दोनों के लिए बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।

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