फतेहपुर। जनपद के उपसंभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ ऑफिस) में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कानपुर परिक्षेत्र के उप परिवहन आयुक्त आर.के. सोनी अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उच्चाधिकारी के औचक निरीक्षण की खबर मिलते ही वर्षों से कार्यालय परिसर के बाहर सक्रिय दलालों और एजेंटों में भगदड़ मच गई। कई एजेंट अपने चेंबरों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ ने ताला डालकर खुद को गायब कर लिया।
बताया जा रहा है कि “शपथ समाचार” ने 24 घंटे पहले ही एआरटीओ कार्यालय के बाहर सक्रिय दलालों के नेटवर्क और आम लोगों से हो रही अवैध वसूली की खबर प्रमुखता से दिखाई थी। खबर सामने आने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल संज्ञान लेते हुए निरीक्षण की कार्रवाई की।
एआरटीओ कार्यालय के बाहर लंबे समय से दलालों का जाल फैला हुआ है। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, फिटनेस, परमिट और अन्य कार्यों के नाम पर लोगों से मनमानी रकम वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। भोले-भाले लोगों को सरकारी प्रक्रिया का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम ली जाती है और जल्दी काम कराने का झांसा दिया जाता है। आम लोगों का आरोप है कि बिना दलालों के कार्यालय में काम होना मुश्किल बताया जाता है।
उप परिवहन आयुक्त के अचानक पहुंचने से कार्यालय कर्मचारियों में भी बेचैनी देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की जांच की गई और कार्यालय के बाहर चल रही गतिविधियों को लेकर भी जानकारी जुटाई गई। पूरे दिन एआरटीओ परिसर में छापेमारी और कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
उप परिवहन आयुक्त आर.के. सोनी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप जनता के कार्य पारदर्शिता के साथ किए जाएंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति या बिचौलिए का कार्यालय परिसर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। यदि कोई दलाल या एजेंट परिसर में दिखाई देता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार होते रहें तो दलालों के नेटवर्क पर काफी हद तक लगाम लग सकती है और आम जनता को राहत मिलेगी।






