फतेहपुर नगर पालिका परिषद एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला गर्मी में आम जनता को राहत देने के लिए लगाए गए प्याऊ और शीतल पेयजल व्यवस्था का है। करीब ₹20,26,882 के टेंडर के बाद भी शहर में कई जगहों पर व्यवस्था जमीन पर नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक नगर पालिका ने शहर के 22 स्थानों पर प्याऊ लगाने के लिए टेंडर जारी किया था। टेंडर में बांस और खस की झोपड़ी, स्टूल, बैनर, RO आधारित ठंडे पानी के इंसुलेटेड जार, डिस्पोजेबल ग्लास और प्याऊ कर्मियों की व्यवस्था शामिल थी। BOQ के अनुसार 15,840 पानी के जार ₹25 प्रति जार की दर से दर्शाए गए हैं, जबकि 1,980 कार्य-दिवस के हिसाब से कर्मचारियों की ड्यूटी भी दिखाई गई है।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर केवल झोपड़ी खड़ी कर दी गई है। कहीं प्याऊ कर्मी मौजूद नहीं हैं, तो कहीं सामान्य पानी ही दिया जा रहा है। कुछ जगहों पर पूरी व्यवस्था गायब बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब टेंडर में RO शीतल पेयजल, इंसुलेटेड जार और कर्मचारियों का भुगतान दिखाया गया है, तो सुविधाएं आखिर कहां हैं?
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर यह ठेका एक बार फिर वर्षों पुराने “भाई जान” ठेकेदार को कैसे मिल गया? विपक्षी और स्थानीय लोग पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
नागरिकों ने नगर पालिका परिषद से मांग की है कि सभी 22 प्याऊ स्थलों की सूची, फोटो, पानी सप्लाई रिकॉर्ड, कर्मचारियों की उपस्थिति और भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि अपने इलाके के प्याऊ स्थलों की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें ताकि हकीकत सामने आ सके।






