फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 437वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता के पी सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। अध्यक्ष के पी सिंह कछवाह ने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा—
“वीणा पुस्तक धारिणी, हे विद्या की खान।
सरस्वती मां आइए, हम करते आह्वान।।”
इसके बाद उन्होंने पुरुषोत्तम मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“शुभारंभ है आज से, शुभ पुरुषोत्तम मास।
दान-पुण्य, जप-तप करें, हो अनिष्ट का नाश।।”
डा. सत्य नारायण मिश्र ने राष्ट्रप्रेम और मानवता का संदेश देते हुए अपने छंद में कहा—
“भटके मानव को राह दिखा, हरदम स्वदेश से प्यार करो।
दुर्जन की दुर्मति दूर करो, जितना संभव उपकार करो।।”
राम अवतार गुप्ता ने जीवन में संयम और मधुर वाणी के महत्व को अपने मुक्तक में पिरोया। वहीं प्रदीप कुमार गौड़ ने बढ़ती महंगाई और संसाधनों के संरक्षण पर अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए खाद्य तेल, पेट्रोल और गैस के सीमित उपयोग का संदेश दिया।
डॉ. शिव सागर साहू ने आधुनिक जीवनशैली और तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शुद्ध आचरण और शुद्ध मन ही उत्तम जीवन का आधार हैं। अनिल कुमार मिश्र ने दार्शनिक भावों से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर शून्य और शिव के आध्यात्मिक संबंध को शब्द दिए।
कार्यक्रम के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशभक्ति से ओतप्रोत मुक्तक प्रस्तुत करते हुए कहा—
“जिसका अन्न, वायु, जल पाकर, पला शरीर तुम्हारा।
उसके साथ दगा मत करना, रहे सदा ही प्यारा।।”
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि विजय कुमार शुक्ल ने सभी कवियों और उपस्थित श्रोताओं को आशीर्वाद प्रदान किया। अंत में आयोजक द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।






