फतेहपुर। सदर तहसील क्षेत्र के हरिहरगंज निवासी 95 वर्षीय वृद्ध महिला राधा देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक तथ्यों के आधार पर प्रशासन को गुमराह कर उनकी संपत्ति से जुड़े बंद कुएं को खुलवाने की कार्रवाई करवा दी। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राधा देवी पत्नी स्वर्गीय शिवानंद ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके मकान के पश्चिम स्थित सहन की भूमि पर एक बंद कुआं है, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खाली कराया जा रहा है। उनका कहना है कि 8 जून 2026 को दीपक गुप्ता पुत्र स्वर्गीय जगत नारायण गुप्ता सहित अन्य लोगों ने गलत तथ्यों और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन देकर जिलाधिकारी से एकपक्षीय कार्रवाई करवा ली।
पीड़िता का दावा है कि उक्त सहन की भूमि और बंद कुएं का बैनामा 30 अगस्त 1990 को उनके पक्ष में किया गया था। इसके बाद इस संपत्ति को लेकर चले विभिन्न न्यायालयीन मामलों में भी विपक्षी पक्ष हार चुका है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट, अपर जिला जज न्यायालय तथा सिविल जज न्यायालय के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सभी निर्णय उनके पक्ष में आए हैं और उन्हें उक्त भूमि व बंद कुएं का वैध स्वामी माना गया है।
राधा देवी ने यह भी कहा कि नगर पालिका परिषद फतेहपुर द्वारा दायर वादों में भी न्यायालय ने नगर पालिका के दावे को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रशासन को भ्रमित किया और उनके अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया।
वृद्ध महिला ने जिलाधिकारी से मांग की है कि 8 जून 2026 को दिए गए आवेदन और उससे जुड़े दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।






