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पतंजलि घी में मिलावट की बातें अफवाह, किसी दवा पर कभी बैन नहीं लगा; बृजभूषण के आरोपों पर बाबा रामदेव ने तोड़ी चुप्पी

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योग गुरु बाबा रामदेव ने बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया है। रामदेव ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बयान दिया था। हालांकि, बाद में उनसे मुलाकात हुई और बातचीत के बाद सारी गलतफहमियां दूर हो गईं। रामदेव ने कहा कि वह किसी विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह से मिलने के बाद भ्रम की स्थिति खत्म हो गई है। रामदेव के मुताबिक, बृजभूषण ने भी बाद में अपनी बात स्पष्ट कर दी।

‘पतंजलि घी 100% शुद्ध, कोई मिलावट नहीं’

पतंजलि के देसी घी की गुणवत्ता पर उठे सवालों का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि गाय के घी में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है। पतंजलि गुणवत्ता और शुद्धता के उच्चतम मानकों का पालन करता है और देश के करोड़ों लोगों का विश्वास इस पर टिका हुआ है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे घी खरीदकर उसकी किसी लैब में जांच भी करा सकते हैं। रामदेव ने कहा कि कुछ लोग पतंजलि के घी को लेकर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि इसमें आखिर क्या होता है? उन्होंने कहा कि देश में बड़ी मात्रा में गाय का दूध इकट्ठा किया जाता है और उसी प्रक्रिया से अलग अलग डेयरी उत्पाद तैयार होते हैं।

दूध से कई उत्पाद तैयार होने की बताई प्रक्रिया

बाबा रामदेव ने कहा कि देश में 15 करोड़ से अधिक पशु/मवेशी हैं और हम इस देश में लाखों लीटर गाय का दूध इकट्ठा करते हैं। दूध से मलाई निकालने के बाद कम फैट वाला दूध भी इस्तेमाल होता है। इससे मिल्क पाउडर के अलावा दही, छाछ और पनीर जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्होंने इसी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि दूध से कई तरह के उत्पाद तैयार होते हैं। रामदेव ने कहा कि लोगों को घी बनने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण वे कई तरह के सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि के गाय के घी की गुणवत्ता को लेकर किसी को संदेह है तो इसकी जांच लैब में कराई जा सकती है।

पतंजलि की दवाओं पर कभी नहीं लगा बैन

योग गुरु ने पतंजलि की औषधियों और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि पतंजलि की किसी भी दवा पर आज तक कभी कोई प्रतिबंध (बैन) नहीं लगा है। पतंजलि की दवाएं पूरी तरह अनुसंधान और प्रामाणिक वैज्ञानिक मानकों पर आधारित हैं।

बाबा रामदेव ने उन दावों पर भी सफाई दी, जिनमें कहा जा रहा था कि वह खुद विदेश में सर्जरी करवाते हैं, जबकि लोगों को आयुर्वेद अपनाने की सलाह देते हैं। रामदेव ने इन दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने रहते हैं और कोई भी उन्हें देख सकता है। रामदेव ने दावा किया कि उन्होंने कभी कोई सर्जरी नहीं करवाई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके बारे में झूठी बातें फैला रहे हैं।

बृजभूषण शरण सिंह के बयान से बढ़ा था विवाद

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा बहराइच में दिए गए एक बयान के बाद बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर काफी विवाद बढ़ा था। बृजभूषण शरण सिंह ने बयान में कहा था कि बाबा रामदेव मिलावटी सामान बनाने के मामले में सभी के सम्राट हैं। उन्होंने कहा था कि यह केवल पतंजलि के घी का सवाल नहीं है, बल्कि देश के गांव-गांव में नकली पनीर और हर चौराहे पर नकली खाने के सामान की दुकानें खुली हुई हैं। उनका कहना था कि यदि 10 क्विंटल पनीर का ऑर्डर दिया जाए, तो एक दिन में 10 क्विंटल पनीर उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने नकली खाद्य-पदार्थों को देश के लिए एक बड़ी समस्या बताया था और कहा था कि वे सभी मिलावटी और नकली सामान बनाने वालों का विरोध करते हैं।

पूर्व सांसद ने यह भी आरोप लगाया था कि पतंजलि के कई ब्रांड देश से लेकर विदेश तक फैले हैं और कई देशों में उनके उत्पादों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर विशेष ध्यान देने की मांग की थी। इसी बयानबाजी के बाद विवाद बढ़ने पर पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया गया था। यह पूरा मामला पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर दिए गए बृजभूषण के सार्वजनिक बयानों से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अब बाबा रामदेव के इस बयान के बाद इस पूरे विवाद पर विराम लगता दिख रहा है।

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