भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारियों तथा सह-प्रभारियों की नई सूची जारी कर दी है। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड भी शामिल हैं। यह फैसला आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी और बूथ स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा की गई ये नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।
विनोद तावड़े बने उत्तर प्रदेश प्रभारी
उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी बनाया गया है। विनोद तावड़े की टीम को राज्य में संगठन को सुदृढ़ करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को तेज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की मजबूत उपस्थिति को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उत्तराखंड में भी संगठनात्मक फेरबदल
उत्तराखंड में भी बड़े संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। राम माधव को उत्तराखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को राज्य का सह-प्रभारी बनाया गया है। राम माधव ने दुष्यंत गौतम का स्थान लिया है, जिन्हें अब कोई पद नहीं दिया गया है। इससे पहले रेखा वर्मा सह-प्रभारी थीं।
जानें कौन हैं राम माधव
राम माधव लंबे समय से भाजपा और आरएसएस से जुड़े रहे हैं। 2014 में जब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, तब उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। जेपी नड्डा के अध्यक्ष रहते सितंबर 2020 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और वहां विधानसभा चुनाव के प्रभारी के रूप में काम किया। वर्तमान में वे थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं।
मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले राम माधव ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की है। 20 साल की उम्र से पहले ही वे आरएसएस के प्रचारक बन गए थे। उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें संगठन के काम में अनुभवी बनाती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विनोद तावड़े की टीम उत्तर प्रदेश में बूथ स्तर तक पहुंच बनाने पर ध्यान देगी, जबकि राम माधव के नेतृत्व में उत्तराखंड में नए सिरे से रणनीति तैयार की जाएगी। ये बदलाव आगामी चुनावों की तैयारियों का हिस्सा हैं।





