असोथर फतेहपुर। अश्वत्थामा बाबा की नगरी नगर पंचायत असोथर सहित समूचे विकासखंड असोथर में शारदीय नवरात्रि की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कारीगर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हैं। नवरात्र के दौरान गांवों और कस्बों में पंडाल सजाकर प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय रहेगा।
कारीगर सूरज (सिद्धि विनायक आर्ट बहुआ) जो कि नगर पंचायत असोथर में मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं, उनके अनुसार दुर्गा प्रतिमाओं को तैयार करने में करीब एक माह का समय लगता है। प्रतिमा निर्माण के लिए पहले बांस और लकड़ी से ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद पुआल से प्रतिमा को आकार देकर मिट्टी की परत चढ़ाई जाती है। प्रतिमा को मजबूती और चिकनाई देने के लिए चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। मिट्टी सूखने के बाद बारीक लेप लगाकर सतह को समतल किया जाता है।
प्रतिमा तैयार होने के बाद रंगाई-पुताई और सजावट का काम किया जाता है। चेहरे और शरीर के अलग-अलग अंगों को अलग-अलग रंगों से उभारने के बाद आंख, भौंह समेत अन्य बारीकियां बनाई जाती हैं। इसके बाद मुकुट, वस्त्र, आभूषण और अन्य सजावटी सामग्री लगाकर प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जाता है। कारीगरों का कहना है कि बारिश के दिनों में प्रतिमा निर्माण का काम चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद नवरात्र को लेकर प्रतिमाओं के ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं।
गांव-गांव सजेंगे पूजा पंडाल
नवरात्र को लेकर नगर पंचायत असोथर के विभिन्न मोहल्लों के साथ ही विकासखंड क्षेत्र के गांवों में भी पूजा पंडाल सजाने की तैयारी शुरू हो गई है। आयोजकों की ओर से पंडाल निर्माण, बिजली की झालरों और सजावट की व्यवस्था के लिए बुकिंग की जा रही है। कई स्थानों पर नवरात्र के नौ दिनों तक भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूजा समितियां व्यवस्था बनाने में जुटी हैं। मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा। क्षेत्र में नवरात्र को लेकर अभी से उत्साह का माहौल दिखाई देने लगा है।





