
फतेहपुर जिले में एक तरफ एसपी भूमाफियाओं से लेकर अपराधियो के खिलाफ अभियान चला रहे है। तो दूसरी तरफ उनके ही अफसर ऐसे भूमाफियाओ के सहयोगी बन गए है और अपने आवासों दफ्तरों में बैठालकर कर चाय पिलाते है। यही वजह ही कि शायद चार छह मुकदमे होने के बाद भी इस भूमाफिया की हिस्ट्री शीट थाने के रिकार्ड में नही खुल पाई। मूर्ति चोर से भूमाफिया बने इस युवक की कहानी तब खुलकर सामने आई जब एक पुलिस के अफसर के आवास पर गाड़ी खड़ी मिली और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई। मलवा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के आसपास भोले भले किसानों को गुमराह करके जमीन हासिल करने वाले इस भमाफ़िया के तार अयोध्या से जुड़े हुए हैं बताया जाता है कि एक ढाबा संचालक के माध्यम से अयोध्या के एक संत का लाखो रुपया भी इस अकपसंख्यक वर्ग के भूमाफिया ने करोड़ों रुपए का सपना दिखाकर लाखों रुपए ले लिए लेकिन इसके बाद अब हनुमान गढ़ी के रहने वाले यह संत लगातार उससे संपर्क करने के बावजूद भी ना तो उसका फोन उठाता है और ना ही उसके लाखों रुपए वापस कर रहा है यानी साफ हो गया कि संत के भी लाखों रुपए इस भूमाफिया ने डकारने की योजना बना डाली बताया जाता है कि एक विधायक जो की सत्ता से जुड़े हुए हैं मौजूदा समय में इस भूमाफिया के संरक्षण दाता है और इन्हीं विधायक की वजह से इस भूमाफिया ने अफसरों के बीच में बड़े ही शाही अंदाज में अपनी पकड़ भी मजबूत कर रखी है सूत्रों का दावा है कि अब यह पूरा मामला जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास पहुंचने वाला है सबसे ताजूब की बात तो यह है कि फतेहपुर जिले की पुलिस अपराधियों को ढूंढ रही है और उनकी हिस्ट्रीशीट खोल रही है लेकिन यहां कितने मुकदमे दर्ज होने के बावजूद भी अभी तक इस भूमिया की हिस्ट्री सेट तक नहीं खोली जा सकती है इसमें भी अफसर की भूमिका संदिध नजर आ रही है।






