उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके आरोपों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने कहा कि चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव वोट चोरी, धांधली और ईवीएम को लेकर आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हर चुनाव के बाद इसी तरह की बातें करते हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को चुनाव में मिले जनादेश को स्वीकार करना चाहिए और अगली बार ज्यादा तैयारी और मेहनत के साथ चुनाव लड़ना चाहिए।
अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि संजय त्रिपाठी को हराने के लिए मतगणना में गड़बड़ी की गई। अखिलेश ने इस मामले में भाजपा के सहयोगियों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संजय त्रिपाठी को हराने की साजिश सबके सामने आ गई है।
भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि संजयन त्रिपाठी को मतगणना में गड़बड़ी करके हराने की वजह सिर्फ यह नहीं है कि वह सपा के उम्मीदवार हैं, बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ मुख्य कारण है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी राजनीति में बहुत नीचे गिर चुकी है। अखिलेश ने दावा किया कि मतगणना में इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद जनता समझ गई है कि भाजपा असल में हर सीट पर हारी है। उन्होंने कहा कि भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं।
संजयन त्रिपाठी के आंसू नहीं भूलेंगे शिक्षक
अखिलेश यादव ने संजयन त्रिपाठी के साथ हुए कथित उत्पीड़न का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे उनका पूरा समाज देख रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि संजयन त्रिपाठी के आंसू उनके समाज और प्रदेश का कोई भी शिक्षक नहीं भूलेगा। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा में शिक्षकों को अपमान के अलावा कुछ नहीं मिला है। उन्होंने शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का काम करवाने की कथित साजिश का भी जिक्र किया।
अखिलेश ने कहा कि शिक्षक इस बात को हमेशा याद रखेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह संजयन त्रिपाठी और उनके समाज के साथ हो रहे अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।






