भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत गुट ने प्रदेश के मुख्य सचिव के सामने किसानों की प्रमुख छह मागे रखी उहोने ने दिये गए ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों में डीएपी और यूरिया किसानों को समय पर नहीं मिला तथा बाज़ार
मूल्य से अधिक कीमत पर बाजार में खाद विक्रेताओं के द्वारा किसानों से अवैध कीमत वसूली जा रही है
रबी की फसल के समय ऐसा नहीं होना चाहिए I किसान दुर्घटना बीमा में परिवार को इकाई माना जाए। हमारे देश में परंपरा है जब तक पिता जीवित हैं, तब तक जमीन संतान के नाम नहीं आती जबकि 80 साल के बुजुर्ग पिता जी खेती में काम करने नहीं जाते परिणाम यह होता है कि किसान होने के बाद भी किसानों को दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिलता ।2012 से बाजार की सभी वस्तुएँ बढ़ रही हैं, सरकार से अनुरोध है कि किसान दुर्घटना बीमा की राशि को दोगुना किया जाए।मृतक आश्रित में सरकार के द्वारा एक आदेश हुआ, जिसमें मृतक आश्रित के भाई को भी नौकरी देने की बात कही गई थी। परन्तु सरकार के द्वारा मृतक आश्रित संशोधन विषय को विभाग के द्वारा क्रियान्वयन नहीं जा रहा है। सरकार से अनुरोध है कि जिस तारीख़ से मृतक आश्रित संशोधन नियम में परिवर्तन किया गया है उम्र की सीमा मृतक आश्रित की क्रियान्वयन तारीख की तक उम्र का लाभ दिया जाए। आदेश संलग्न है।
5- बाढ़ आपदा में किसानों को फसल बीमा का सम्पूर्ण लाभ दिलाया जाए व प्राकृतिक आपदा के कारण प्रांतीय सरकार व केन्द्र सरकार के द्वारा 25000 रुपए प्रति एकड़ किसान को मुआवजा दिया जाए। किसान का एन.पी. अकाउंट होने के बाद किसान को ऋण देना बंद कर देती है, एन.पी. अकाउंट किसानों को भी सुचारू रूप से ऋण का पात्र माना जाना चाहिएI कृषि ऋण को किसानों की सिविल में न जोड़ा जाए।
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लखनऊ-भाकियू महात्मा टिकैत गुट ने प्रमुख सचिव को 6 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया ज्ञापन,समस्याओ के अविलम्ब निस्तारण की मांग।
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