मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पहुँचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में 500 साल की गुलामी का प्रतीक हमने मिटा दिया। उन्होंने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया और कहा कि वे हर साल मथुरा आने का सौभाग्य दो बार पाते हैं। उनका दावा है कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान सरकार की प्राथमिकता है। उहोंने ने कहा कि अयोध्या से मथुरा तक, ये पवित्र स्थल हमारी आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं।
उन्होंने ब्रजभूमि को ईश्वरीय लीलों की भूमि बताया और उत्तर प्रदेश को सौभाग्यशाली करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई तीर्थस्थलों की पौराणिक मान्यता बहाल की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल बलदेव, गोवर्धन और राधाकुंड जैसे स्थानों को फिर से तीर्थ के रूप में स्थापित किया जाएगा। धार्मिक विरासत और आधुनिक विकास में संतुलन ज़रूरी है।उन्होंने सत्याग्रह, स्वदेशी, विरासत संरक्षण, सैनिकों के सम्मान और सामाजिक एकता पर आधारित “पंच प्रण” का स्मरण कराया। गौमाता को सनातन धर्म का प्रतीक बताया व गाय पालन वालों को आर्थिक सहायता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गायों की रक्षा की जा रही है और किसान जिन्हें गाय पालने का कार्य सौंपा गया है, उन्हें ₹1,500 प्रति माह की सहायता दी जा रही है; वर्तमान में 16 लाख से अधिक गाय संरक्षण में हैं।
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UP के CM ने मथुरा में कहा कि अयोध्या से मथुरा तक, ये पवित्र स्थल हमारी आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं
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