फतेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र में संचालित अवैध टायर रीसाइक्लिंग फैक्ट्रियों से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आसा-अभयपुर और गोधरौली गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला धुआं लोगों की सांसों में जहर घोल रहा है, वहीं अब पानी भी दूषित होने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार गोधरौली गांव में हैंडपंप से पीला पानी निकल रहा है। उनका दावा है कि जांच में लोगों के शरीर में क्रोमियम की मात्रा अधिक पाई गई है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव के सभी हैंडपंप बंद करा दिए हैं। साथ ही तालाब के पानी को पीने पर भी प्रतिबंध लगाते हुए चेतावनी संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं। और यहाँ के ग्रामीणों को प्रशासन रोजाना पानी के 10 टैंकर मुहैया करा रहा है लेकिन तीन हजार पाच सौ की आबादी वाले ग्राम मे यह 10 टैंकर भी काम पड़ रहे है ग्रामीणों का कहना है की पीछे के क्षेत्र मे टैंकर भी नही पहुँच पा रहे है.
बताया जा रहा है कि औंग थाना क्षेत्र में कुल चार टायर रीसाइक्लिंग फैक्ट्रियां संचालित हैं और सभी आबादी के नजदीक स्थित हैं। देर रात इन फैक्ट्रियों में टायर जलाए जाते हैं, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके चलते सांस, आंख और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं, वहीं कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी खतरा बना हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इन फैक्ट्रियों पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण से राहत मिल सके।
*एसडीएम बिंदकी प्रियंका अग्रवाल* ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और जांच कराई जा रही है। अवैध रूप से फैक्ट्रियां संचालित पाए जाने। पर सख्त कार्रवाई की जाएगी






