Homeउत्तर प्रदेशफतेहपुरअसोथर में मोरम लदे भारी वाहनों से सड़कें जर्जर, किसान यूनियन ने...

असोथर में मोरम लदे भारी वाहनों से सड़कें जर्जर, किसान यूनियन ने आंदोलन  दी चेतावनी, सौंपा ज्ञापनमोरम लदे हजारों वाहनों से असोथर की सड़कें टूटीं, जाम में फंसी एंबुलेंस से किसान की मौत,19 को किसान बैठक

Published on

नरसिंह मौर्य

असोथर (फतेहपुर) असोथर क्षेत्र से होकर गुजर रहे बांदा जिले की मोरम खदानों से निकलने वाले भारी वाहनों ने नगर पंचायत और आसपास की सड़कों को पूरी तरह से जर्जर कर दिया है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में गुजर रहे ओवरलोड ट्रकों और डंपरों के कारण असोथर नगर पंचायत की मुख्य सीसी सड़क में दरारें पड़ गई हैं, जबकि असोथर–कठौता संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन जाने से आए दिन स्कूली बच्चे, राहगीर और दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।
असोथर ब्लॉक मुख्यालय से थरियांव होते हुए जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मार्ग भी कई स्थानों पर टूट-फूट और गड्ढों का शिकार हो चुका है। नगर पंचायत की सड़कों पर भारी वाहनों के चलते लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण एंबुलेंस और स्कूल बसें समय से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसी के चलते 12 जनवरी को दोपहर एक गंभीर घायल को एंबुलेंस से अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन असोथर नगर पंचायत के मुख्य बाजार में जाम में एंबुलेंस फंस जाने से देरी हो गई। अस्पताल पहुंचने पर बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र के एक किसान को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद लोगों में भारी रोष है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने इस समस्या को लेकर प्रशासन को चेताया है। थाना प्रभारी निरीक्षक असोथर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए अपर जिलाधिकारी और खनिज अधिकारी फतेहपुर को अवगत कराते हुए यूनियन ने कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में 19 तारीख, सोमवार को नगर पंचायत के वार्ड नंबर 8 मुराइन मोहल्ला में किसान बैठक आयोजित की जाएगी।
किसानों की मांग है कि सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक बालू और मोरम लदे भारी वाहनों का नगर पंचायत क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह बंद कराया जाए, ताकि बच्चों, राहगीरों, किसानों और एंबुलेंस को राहत मिल सके। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत और भारी वाहनों पर रोक नहीं लगी तो किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस मौके पर किसान यूनियन अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष सोनू सिंह गौतम, उपाध्यक्ष रविदेव सिंह गौतम एडवोकेट, महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित किसान दीपू मिश्रा, नीरज कुमार, संदीप मौर्य, दुर्गेश कुमार, श्रीकृष्ण मौर्य, बालकृष्ण मौर्य, राज मौर्य, श्याम बाबू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

👁 42.7K views
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Latest articles

अब भी परिजनों के मोह से आगे नहीं बढ़ पा रहीं मायावती, क्यों नहीं बन पाईं बहुजन की नेता?

उत्तर प्रदेश में कुछ ही महीनों में विधान सभा चुनाव होने हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती का कहना है कि वह राज्य में पांचवी बार बसपा की सरकार बनाने के लिए तैयारी में जुटी हैं। लेकिन, चुनाव से पहले उनकी पार्टी में जैसी उथल-पुथल है, उसे देखते हुए लगता है कि मायावती […]

जातीय हिंसा और हत्याओं के बाद गरमाई सियासत! यूपी में 2027 चुनाव से पहले जाट, ब्राह्मण और निषाद वोट बैंक पर छिड़ी जंग

UP Caste Politics Jat Brahmin Nishad Vote Bank 2027: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपराध कोई नई बात नहीं है। लेकिन हाल के तीन हत्याकांडों ने सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं छोड़ा, बल्कि जातीय नैरेटिव और वोट बैंक की सियासत को भी गरमा दिया है। अंकित बालियान, विनोद कुमार साहनी और शिवकुमार त्रिपाठी की मौतों […]

CM Yogi ने दिए बड़े निर्देश: यूपी में 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त, बारिश बाद होगा स्थायी नवीनीकरण

UP Roads,Pothole Free Roads: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जो मार्ग बारिश या […]

More like this

अब भी परिजनों के मोह से आगे नहीं बढ़ पा रहीं मायावती, क्यों नहीं बन पाईं बहुजन की नेता?

उत्तर प्रदेश में कुछ ही महीनों में विधान सभा चुनाव होने हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती का कहना है कि वह राज्य में पांचवी बार बसपा की सरकार बनाने के लिए तैयारी में जुटी हैं। लेकिन, चुनाव से पहले उनकी पार्टी में जैसी उथल-पुथल है, उसे देखते हुए लगता है कि मायावती […]

जातीय हिंसा और हत्याओं के बाद गरमाई सियासत! यूपी में 2027 चुनाव से पहले जाट, ब्राह्मण और निषाद वोट बैंक पर छिड़ी जंग

UP Caste Politics Jat Brahmin Nishad Vote Bank 2027: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपराध कोई नई बात नहीं है। लेकिन हाल के तीन हत्याकांडों ने सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं छोड़ा, बल्कि जातीय नैरेटिव और वोट बैंक की सियासत को भी गरमा दिया है। अंकित बालियान, विनोद कुमार साहनी और शिवकुमार त्रिपाठी की मौतों […]