फतेहपुर। जिले में विकास के दावों की पोल गढ़वा और रारी गांव के बीच खुल गई है। ससुर खदेरी नदी पर बना पक्का बांध करीब चार महीने पहले टूट गया था, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। बांध टूटने के बाद दोनों गांवों का सीधा संपर्क कट गया है। ग्रामीणों को मजबूरी में 12 से 13 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
लंबा रास्ता होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनाती ससुर खदेरी नदी को पार कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां गन्ने का रस पकाने वाले लोहे के कड़ाह को रस्सी से बांधकर नदी पार करने का साधन बना लिया गया है। ग्रामीण और बच्चे इसी कड़ाह के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं।
पौली बाजार समेत आसपास के बाजारों में रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जाने वाले ग्रामीणों के सामने यह खतरनाक सफर मजबूरी बन गया है। बारिश के कारण नदी का बहाव तेज है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध टूटने के बाद से लगातार समस्या बनी हुई है। कई बार अधिकारियों से रास्ता दुरुस्त कराने और बांध की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब वायरल वीडियो के जरिए यह बदहाल तस्वीर सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद जब नायब तहसीलदार अरविंद कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब ग्रामीण महीनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों तक इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंची।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द बांध की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर टूटे बांध की मरम्मत कब होगी और गढ़वा व रारी गांव के लोगों को सुरक्षित रास्ता कब मिलेगा?
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टूटे बांध ने छीना गांवों का संपर्क, जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
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