फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 414 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 414 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- मातु शारदे, आइए, कीजै हृदय प्रवेश।
संग तीनों ही देव हों, ब्रह्मा, विष्णु, महेश ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया-स्वतंत्रता संग्राम का वंदे मातरम् गान।
बेमतलब क्यों हो खड़ा , संसद में तूफान।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – तन, मन ,श्रद्धा से भजन, करो सदा भगवान का ।
छद्म – कपट को दूर भगाओ, त्याग करो अभिमान का।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – ढील नहीं आतंकवाद पर, हिल- मिल करेंगे हम व्यापार ।
भारत- रूस दोस्ती पक्की, पुतिन दिखाते प्रेम अपार ।।
राम अवतार गुप्ता ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – जिस घर में होता सदा, नारी का सम्मान।
उस घर के हर काम को, सिद्ध करें भगवान ।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव तेजी से बढ़ते इस शीत के प्रभाव को देखकर एक मुक्तक के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – आ गए कड़ाके के, जाड़े के दिन।
रातें इफरात हुईं ,भाड़े के दिन।।
उन बिन सब कंबल, रजाई बेकार ,
पल -पल पिय- प्यारी को, ताड़े के दिन।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।






