बरेली की सड़कों पर बीते कुछ दिनों से पुलिस की हलचल तेज थी। वजह थी एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग की घटना। इस मामले में शामिल चार बदमाशों में से दो का अंत एनकाउंटर में हो गया, जबकि दो अभी भी फरार हैं। मारे गए दोनों बदमाश हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनके नाम अरुण और रविंद्र हैं। वहीं बागपत के नकुल और विजय अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है कि फायरिंग से पहले ये शूटर दिशा पाटनी के घर से महज दो किलोमीटर की दूरी पर रुके हुए थे। एक शूटर रविंद्र बरेली रोडवेज के पास प्रीत होटल में रुका था और बाकि तीन शूटर बरेली जंक्शन से महेश 500 मीटर की दूरी पर गेस्ट हाउस में रुके थे। चारों shooter शूटर दो अलग गेस्ट हाउस में रुके थे और यह 10 तारीख को ही बरेली में आ गए थे तारों पर दो मोटरसाइकिल की एक अपाचे और एक स्प्लेंडर अपाचे मोटरसाइकिल पर रविंद्र और अरुण था जिसे stf ने ढेर कर दिया है । वहीं इस पूरी जांच में बरेली नगरनिगम के आई ट्रिपल सी के 1320 CCTV कैमरों ने अहम भूमिका निभाई।
कैमरों की जाल से मिली असली कहानी
एसपी सिटी मानुष पारीक के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की मदद ली। यहां मौजूद करीब 1320 कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस टीम ने लगातार 18 से 20 घंटे तक हर फुटेज को बारीकी से देखा। इसी मेहनत से बदमाशों की मूवमेंट और ठिकाने का पता चला।
ICCC प्रभारी मयंक ने बताया कि कैमरों की मदद से एक-एक कड़ी जुड़ती गई। किस समय बदमाश कहां से निकले, कहां गए और किस होटल में रुके – सब जानकारी मिली। इसी तरह रविंद्र और अरुण की सही लोकेशन सामने आ पाई। होटल और गेस्ट हाउस बने ठिकाना
पुलिस जांच में पता चला कि 10 सितंबर को मुख्य आरोपी रविंद्र बरेली के शिकलापुर में रोडवेज बस स्टैंड के पास प्रीत पैलेस होटल में रुका था। CCTV फुटेज में वह होटल की सीढ़ियों पर मोबाइल चलाता दिखा। रविंद्र यहां दो दिन तक रहा और 11 सितंबर को चेकआउट कर गया। इसके अगले ही दिन उसने दिशा पाटनी के घर पर गोलियां चलाईं।
इसी तरह अरुण भी 10 सितंबर को बरेली आया था। वह शिकलापुर स्थित रेलवे स्टेशन के पास हिंद गेस्ट हाउस में ठहरा। इस गेस्ट हाउस से दिशा पाटनी का घर करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर है। यानि शूटर सीधे घर के आसपास डेरा जमाए हुए थे और सही मौके का इंतजार कर रहे थे।
कब-कब हुई फायरिंग?
जांच में सामने आया कि 11 सितंबर को बागपत के रहने वाले नकुल और विजय ने दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग की थी। इसके अगले दिन यानी 12 सितंबर को रविंद्र और अरुण ने दोबारा फायरिंग की। लगातार दो दिनों तक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस ने फायरिंग के बाद बदमाशों की तलाश तेज कर दी। आखिरकार बुधवार को मुठभेड़ के दौरान रविंद्र और अरुण मारे गए। हालांकि नकुल और विजय अभी भी फरार हैं और उनकी लोकेशन पुलिस तलाश रही है। खबर है कि फायरिंग के बाद ये दोनों रामपुर बॉर्डर के पास छिपे हुए थे।








