नरसिंह मौर्य असोथर (फतेहपुर)।
असोथर थाना क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। घरवासीपुर गांव में जहां तीन फलदार महुआ के पेड़ों को काट दिया गया, वहीं गेडुरी गांव में एक हरा-भरा नीम का पेड़ भी काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।
आरोप है कि एक दबंग ठेकेदार ने इलेक्ट्रिक मशीन के जरिए महुआ के पेड़ों की कटाई कराई। इस मामले में पेड़ों के मालिक अंदीपुर निवासी अंगद तिवारी (पुत्र रामेश्वर तिवारी) का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 39 हजार रुपये में पेड़ों की कटाई का सौदा भानू नामक ठेकेदार से किया गया, जो मीरपुर स्थित आरा मशीन का संचालक बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महुआ और नीम जैसे पेड़ों की कटाई न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, बल्कि इससे ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित होती है। महुआ जहां आर्थिक रूप से उपयोगी है, वहीं नीम को औषधीय और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्षेत्र में मीरपुर और नगर पंचायत असोथर के बैरहना गांव के सामने, निचली गंगा नहर किनारे आरा मशीनों के संचालन की भी चर्चा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से हरे-भरे पेड़ों की कटाई हो रही है।
मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
फिलहाल, वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षक सूर्य नाथ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी के सख्त निर्देश हैं कि थाना क्षेत्र में हरे, फलदार और औषधीय पेड़ों की कटान नहीं होने दी जाएगी। बिना अनुमति पेड़ काटने वालों के खिलाफ जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
वहीं वन दरोगा सतेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि फिलहाल उन्होंने अभी चार्ज लिया है, मामला उनके संज्ञान में नहीं है और न ही किसी प्रकार की परमीशन दी गई है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






