
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार शाम राज्यपाल Anandiben Patel से लखनऊ स्थित जनभवन में मुलाकात की, जिसके बाद योगी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक रविवार 10 मई को शाम करीब 3:30 बजे मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। फिलहाल योगी सरकार में छह मंत्री पद खाली हैं और इन्हीं पदों पर नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इन नेताओं के नाम सबसे आगे
राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें शामिल हैं—
भूपेंद्र चौधरी
मनोज पांडेय
कृष्णा पासवान
पूजा पाल
सुरेंद्र दिलेर
अशोक कटारिया
रोमी साहनी
इनमें कई नेताओं को कथित तौर पर लखनऊ पहुंचने का संदेश भी दिया गया है। हालांकि भाजपा संगठन या सरकार की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2027 चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कारण संभावित मंत्रियों की सूची में विभिन्न सामाजिक वर्गों के नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि:
मनोज पांडेय को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है
कृष्णा पासवान और पूजा पाल के जरिए दलित और महिला समीकरण साधने की कोशिश होगी
भूपेंद्र चौधरी के जरिए पश्चिमी यूपी और जाट वोट बैंक पर फोकस रहेगा
विभागों में फेरबदल की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार केवल नए मंत्रियों की शपथ ही नहीं, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। हालांकि इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
योगी सरकार में अभी कितने मंत्री?
उत्तर प्रदेश विधानसभा में संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत कुल 54 मंत्री हैं, यानी अभी छह पद खाली हैं। इन्हीं पदों को भरने की तैयारी मानी जा रही है।
2024 में हुआ था पिछला विस्तार
इससे पहले मार्च 2024 में योगी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील शर्मा को मंत्री बनाया गया था।






