फतेहपुर,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों तथा बजट व्यय की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने एसीएमओ को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी पंजीकृत नर्सिंग होम और अस्पतालों की सूची स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र में कोई भी बिना पंजीकरण का नर्सिंग होम, क्लीनिक अथवा पैथोलॉजी संचालित न होने पाए। उन्होंने पंजीकृत अस्पतालों में होने वाले प्रसव की नियमित रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों को स्वास्थ्य केंद्रों से शीघ्र संबद्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ मिल सके। डीएम ने स्टाफ नर्स और एएनएम की तैनाती की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी।
स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र खखरेरू, थरियांव, राधानगर, पक्का तालाब और विनोबा नगर में एचएमआईएस/एलएमआईएस के तहत दवा वितरण की ऑनलाइन फीडिंग की प्रगति कम पाए जाने पर संबंधित फार्मासिस्टों और अर्बन एमओवाईसी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण से वंचित बच्चों का चिन्हांकन कर अभियान चलाकर टीकाकरण सुनिश्चित कराने, प्रधानमंत्री जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने तथा सभी स्वास्थ्य योजनाओं की सही ऑनलाइन फीडिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-संजीवनी के माध्यम से नागरिकों को बेहतर टेली-कंसल्टेशन सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
डीएम ने आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का आयुष्मान भारत योजना में शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने तथा आभा आईडी रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। नवजात शिशुओं को मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गृह भ्रमण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सलाहकार मातृ स्वास्थ्य आलोक कुमार, एसीएमओ, सीएमएस, डीपीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






