फतेहपुर। जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह गांव में वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां राष्ट्रीय पक्षी मोर घंटों तक घायल अवस्था में खेत में पड़ा तड़पता रहा, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। समय पर उपचार न मिलने से मोर की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने खेत में घायल अवस्था में पड़े मोर को देखा और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी वन दरोगा और वन विभाग के कर्मचारी कई घंटों तक मौके पर नहीं पहुंचे। इस दौरान मोर दर्द से तड़पता रहा।
मामले की सूचना मिलने पर पीआरवी और स्थानीय पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तथा चिकित्सकों को बुलाकर घायल मोर के उपचार की व्यवस्था कराई। डॉक्टरों ने मोर को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
राष्ट्रीय पक्षी की मौत के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की निष्क्रियता और लापरवाही पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच जाते तो संभवतः मोर की जान बचाई जा सकती थी।
मोर की मौत की सूचना के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में राष्ट्रीय पक्षी मोर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।






