फतेहपुर। लगातार बढ़ रही ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सर्दी का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। सुबह से लेकर शाम तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, वहीं जो लोग मजबूरी में बाहर निकल रहे हैं। वे ठंड से बचाव के लिए इधर-उधर अलाव की तलाश करते नजर आते हैं। अलाव जलवाने की व्यवस्था सदर नगरपालिका की है जहाँ एक ही ठेकेदार पिछले 15 वर्ष से लकड़ी की आपूर्ति कर रहा। भाई जान के बड़े शिकंजे को कोई भी समाप्त नही कर पाया।
नगर पालिका परिषद फ़तेहपुर क्षेत्र में अलाव के 74 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। बता दें कि इस व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की ओर से एक बहुचर्चित ठेकेदार को दी गई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार की जड़ें नगर पालिका प्रशासन में इतनी मजबूत है कि आज करीब 15 सालों से लगातार इन्हीं महाशय को ठेका दिया जाता है। इतना ही नही नगर पालिका के 50 फीसदी से अधिक कामों में इनके दख़लंदाजी की चर्चा भी आम है।
इन चिन्हित अलाव पॉइंट पर बमुश्किल आधे ही स्थानों में ठेकेदार द्वारा नाम मात्र की लड़कियां डालकर खाना पूर्ति की जाती है। जबकि नगर पालिका प्रशासन की ओर से शीतलहर के चलते अत्यधिक ठंड पड़ने पर इस मद के बजट की व्यवस्था अलग से रहती है। इसके बावजूद नगर पालिका क्षेत्र में यह व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही है। आलम यह है कि गिने चुने अलाव पॉइंट पर ही लड़कियों को नियमित रूप से ना डालकर सप्ताह में दो-तीन दिन ही नाम मात्र ही लकड़ियों की आपूर्ति की जाती है।
जिला मुख्यालय होने के चलते नगर यहां प्रतिदिन हज़ारों लोगों का आना-जाना रहता है। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण भी शामिल रहते हैं। जिन्हें सर्दी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अलाव न होने के कारण गरीब, मजदूर और राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जिससे लोग खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं। भीषण ठंड मे यदि व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू नही किया गया तो ठंड से बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ईओ नगर पालिका फतेहपुर रविंद्र कुमार ने कहा कि यदि ऐसी अव्यवस्थाएं हैं तो चिन्हित किए गए प्वाइंटों पर जांच की जाएगी। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






