फतेहपुर। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में डॉ. वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के उद्घाटन के बाद यह मामला विवादों में आ गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा इस निजी स्कूल का उद्घाटन किया गया, जिस पर स्थानीय लोगों और नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि जहां एक ओर सरकारी स्कूलों की स्थिति लगातार बदहाल होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पहले से ही निजी स्कूलों की मनमानी से आम जनता परेशान है, और इस तरह के आयोजनों से शिक्षा माफियाओं को और मजबूती मिलती है।
इस मुद्दे पर अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी हर्षित सक्सेना ने खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षा माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है और आम लोगों की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने खुद को जनता की आवाज बताते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार संघर्ष करते रहेंगे।
हर्षित सक्सेना, जो 26 वर्षीय युवा नेता हैं, अपने शांत, शिक्षित और सरल स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर फतेहपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है।






